बच्चों को दिन में कितने घंटे स्मार्टफोन इस्तेमाल करना चाहिए


बच्चों को दिन में कितने घंटे स्मार्टफोन इस्तेमाल करना चाहिए

मेरे बच्चे को एंटी ग्लेयर चश्मा लगाना चाहिए या नहीं ?,

बच्चे की आंखों में लालपन और जलन रहती है ,

बच्चे को आजकल सिरदर्द रहने लगा है.

ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका सामना आजकल ज़्यादातर माँ-बाप कर रहे हैं. बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज़ होने से मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बढ़ गया है और बच्चे स्क्रीन पर ज़्यादा वक़्त बिताने लगे हैं. इसका असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है.

ऑनलाइन क्लास शुरू होने के बाद एक स्टूडेंट सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक लैपटॉप के सामने ही बैठा रहता है इससे उसके कंधे, पीठ और आंखों में दर्द होने लगा है | “जिस फोन और लैपटॉप के लिए हम बच्चों को रोकते थे. सोशल साईट पर जाने से मन करते थे  अब वो खुद बच्चों को देने पड़ते हैं. या स्कूल की बात मन कर ये सब करना पड़ता है  स्टूडेंट के लिए स्कूल एक दिन में चार से पांच क्लास दे रहे हैं क्लास के समय वो कुर्सी पर बैठते हैं . उसके बाद पलंग पर लेटकर या बैठकर लैपटॉप चलाते  है. क्लास ख़त्म होने पर रिलेक्स होने के लिए भी लैपटॉप पर ही कुछ देखते  है. इससे उनको पीठ, कंधों, आंखों में दर्द और थकान होने लगाती है |

इन सब कठिनाइयों को देखते हुये सर्कार भी गंभीर हई है | मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने बच्चों पर डिज़िटल पढ़ाई के शारीरिक और मानसिक प्रभावों को देखते हुए “प्रज्ञाता” नाम से डिजिटल शिक्षा संबंधी दिशानिर्देश ज़ारी किए हैं. इसमें ऑनलाइन क्लासेज़ की संख्या और समय को सीमित करने के लिए सुझाव दिए गए हैं.

प्री प्राइमेरी- माता-पिता से बातचीत और उनके मार्गदर्शन के लिए 30 मिनट का सेशन.

पहली से आठवीं – हर रोज़ 30 से 45 मिनट की दो क्लासेज़.

नौंवी से बारहवीं – हर रोज़ 30 से 45 मिनट की चार क्लासेज़.

इसमें बच्चों के लिए फिज़िकल एक्टिविटी और इंटरनेट के इस्तेमाल से जुड़ी सलाह भी दी गई है. साथ ही माता-पिता के लिए इन नई स्थितियों में सामंजस्य बैठाने के तरीक़े भी सुझाए गए हैं.

इसमें समय-समय पर ब्रेक लेने, ऑफलाइन खेल खेलने और माता-पिता की निगरानी में क्लास लेने की सलाह दी गई है.

बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ने को लेकर पहले से चिंता जाहिर की जाती रही है.

अब मंत्रालय की ओर से दिशानिर्देश आने से इस पर चर्चा और बढ़ गई है. ऐसे में जानते हैं कि स्क्रीन टाइम को सीमित करना क्यों ज़रूरी है और ऑनलाइन क्लासेस के दौरान दूसरी किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए.


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