अविकसित वक्ष होने के कारण ,करें ये उपाय


सामान्य तौर पर लड़कियों में 12 से 14 वर्ष की आयु तक उनके वक्षस्थल पर उभार आना शुरू हो जाता है और वृद्धि की यह प्रक्रिया 14 से 18 वर्ष तक की आयु के दौरान निरंतर होती रहती है। इस दौरान यदि स्तनों की सही देखभाल पर ध्यान न दिया जाए, तो इनका आकार बिगड़ सकता है। वक्ष का विकास प्रारंभ होते ही ब्रा न पहने, क्योंकि बढ़ रहे वक्ष पर ब्रा के बंधन से बाद में उनमें शिशुओं के लिए दूध की कमी हो सकती है। वैज्ञानिकों ने 17 वर्ष की किशोरियों को ‘ब्रा ‘ पहनने की मनाही की है।

नारी सौंदर्य वास्तविक देन उसके पुष्ट सुडौल और उन्नत उरोज हैं। ये अच्छे स्वास्थ्य के प्रतीक हैं। चेहरे के सौंदर्य के बाद इसकी कमी नारी सौंदर्य की सबसे बड़ी कमी मानी जाती है। इसकी कमी से नवयौवनाओं में हीनता उपज आती है इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे –

पौष्टिक व संतुलित आहार की कमी,

बाल्यावस्था में खेलकूद की असुविधाएं व व्यायामादि न करना,

अल्पावस्था में प्रणय सूत्र में बंध जाना,

पर्दाप्रथा, हंसने बोलने में बाधाएं व घर में घुटन का वातावरण,

तंग ब्रेजरी का प्रयोग,

छोटी अवस्था में ही माता बन जाना,

अनुचित रीति से स्तनपान कराना,

सामान्य दैहिक निर्बलता,

अनीमिया और वंश प्रभाव आदि

इन सबके कारण उरोज या वक्ष अविकसित रह जाते हैं।

करें ये उपाय

गोल, कठोर एवं पूर्ण विकसित ब्रेस्ट आदर्श ब्रेस्ट कहे जाते हैं, जिन पर प्रत्येक स्त्री गर्व कर सकती है। उचित देखभाल के अभाव में कई बार ब्रेस्ट बहुत छोटे रह जाते हैं या बहुत मोटे हो जाते हैं और लटक भी जाते हैं, जोकि स्त्री के सौंदर्य को नष्ट करके उसमें हीन भावना उत्पन्न करते हैं। कई बार लम्बी बीमारी, अनियमित मासिक-धर्म, प्रसव-उपरान्त और गर्भावस्था के दौरान वक्ष ढलकर बेडौल होने लगता है। ब्रेस्ट बढ़ाने का आयल, ब्रेस्ट बढ़ाने की दवा, ब्रेस्ट मसाज तेल , ब्रेस्ट क्रीम या आयुर्वेदिक दवा बेचने वाली कंपनियां दावे जरूर करती रहती हैं कि उन की दवा या तेल में स्तनों को बढ़ाने की क्षमता है, लेकिन ज्यादातर लोगो को निराशा ही हाथ लगती है, क्योंकि सिर्फ उपरी तौर पर कोई क्रीम या तेल लगाने से स्तनों का आकार कैसे बढ़ सकता है ? तेल या क्रीम से नसे और मसल्स तो खुल सकती है परंतु उससे स्तनों का फैट तो नही बन सकता है |  इसके लिए आपको लंबे समय तक कई उपाय आजमाने पड़ेंगे, जैसे सबसे जरुरी है खानपान , फिर व्यायाम, इसके बाद मालिश और अंत में वो जरुरी सावधानियां जिनका ख्याल रखकर आप अपने ब्रेस्ट को हमेशा आकर्षक बनाए रख सकती है |

वक्ष सौंदर्य की वृद्धि के लिए नृत्य व रस्सी कूदना अच्छे व्यायाम हैं।

घर का कामकाज नियमित रूप से करते रहना भी लाभकारी है।

प्रात:काल उठकर शौचादि से निवृत्त होकर खुले वातावरण में पांच मिनट गहरे सांस लीजिए।

प्रोटीन युक्त संतुलित आहार का सेवन कीजिए जिसमें खनिज लवण व विटामिन उचित मात्रा में हो।

दिन में ब्राजरी का समुचित प्रयोग कीजिए।

शयनकक्ष में विश्राम करते समय इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे उरोजों को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन मिल सकेगी।

सदा प्रसन्न रहना चाहिए।

तनावयुक्त वातावरण से हमेशा दूर रहिए।


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