सोशल प्लेटफार्म का पक्षपात पूर्ण रवैया


फेसबुक , ट्विटर ,इन्सटाग्राम ,व्हाट्सएप  ये सब जाने मने सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं | जितने आवश्यक है उतने ही अनावश्यक या जितने मददगार है उतने ही हानिकारक भी | यह झूठ और अफवाह फ़ैलाने में भी काफी तेज़ है |एक रिसर्च के मुताबिक़ फेसबुक ,इन्स्टाग्राम  तथा व्हाट्सएप  से 6 प्रतिशत तेज़ ट्विटर पर गलत अफवाहें फैलती हैं | हमारे देशवासी इस बात से अनभिज्ञ हैं कि ये  सोशल मीडिया भी पक्षपात करते हैं | किसी पर कारवाई करते है तो किसी पर नहीं | कुछ समय पहले ही ट्विटर के CEO जैक डोरसे उक्त समिति को यह जवाब नहीं दे पाए  थे कि उन्होंने किस आधार पर राष्ट्रपति ट्रम्प के ट्वीट को  गलत सूचना कहकर लेबल किया  लेकिन ईरान के अयातुलाह खोमैनी के उन सारे ट्वीट के खिलाफ  कुछ नहीं करते जिनमे वह इजराइल के खिलाफ  हिंसा  का इस्तेमाल करने की धमकी देते है |

खैर सोशल मीडिया खासकर ट्विटर और फेसबुक का मनमाना रवैया तथा इन सब का दोहरा मापदंड नया नहीं है | ये सब देखकर चीन ने इन्हें अपने यहाँ घुसने नहीं दिया परन्तु चीन सरकार के नेता इनके प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं | इतना  सब होने के बाद सोशल मीडिया का चीन की तरफ़ नरम रुख देखकर अचंभा तो होता ही है | इन सोशल मीडिया की जितनी जवाबदेही बढती जा रही है वे उतने ही लापरवाह होते जा रहे है |और इन सब में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग तो हर बार गलत काम करके माफ़ी मांग कर अलग हो जाते हैं  |

हालाँकि इसमें कोइ संदेह नहीं है कि सोशल मीडिया कंपनियों ने लोगों को जहाँ अपनी बात कहने  संवाद करने की सहूलियत प्रदान की है वही शासन प्रशासन को भी अपनी बात जनता तक पहुंचाने की सुविधा दी है | लेकिन इसमें भी दोराय नही है कि उनके प्लेटफार्म आधी अधूरी एक पक्षीय निराधार और झूठी ख़बरों के सबसे बड़े गढ़ भी हैं | इसके साथ ही इतना झूठ और वैमनस्य फ़ैलाने वाली ये कम्पनियाँ झूठ से आपको बचाने का दावा करती हैं , ट्वीटर पर घोर आपत्ति जनक वैमनस्य फैलाने वाले और गाली गलौज वाले हैश्टैग समय के साथ बढाती जा रही हाई दस से बीस लोग अगर ठान लें तो वो मिलकर किसी भी के खिलाफ कितना भी भद्दा ओछा हैस्टैग ट्रेंड करा सकते हैं | ट्वीटर ऐसे लोगों के खिलाफ कुछ नहीं करता है | एक के बाद एक अध्ययन यही बता रहे हैं कि शोसल मीडिया फर्जी ख़बरों और नफरती बयानों को रोकने के लिए कुछ नही कर रही है | सोशल मीडिया कंपनियों की मनमानी किस तरह बढती जा रही है इसका ताज़ा उदहारण है ट्वीटर की और से अभी हाल ही में लेह की भौगोलिक स्थिति चीन में दिखाई जाती है इस पर भारत सरकार की और से आपत्ति जताए जाने पर ट्वीटर ने कहा कि वह भारत की भावनाओं का सम्मान करता है | संसद की एक समिति ने उसके इस बयान को ना काफी बताया है और ये ना काफी साबित भी हुआ | ट्वीटर ने भारतीय मान चित्र को पूरी तरह सही करने की बजाय लेह की भौगोलिक स्थिति जम्मू काश्मीर में दिखाना शुरू कर दी , इस बात पर 9 नवम्बर को उसे नोटिस देकर ये पूंछा गया कि क्यों न उसके खिलाफ कार्यवाही की जाय | क्या ट्वीटर सुधरने को तैयार होगा भी या नही कहना कठिन होगा क्योंकि यह नोटिस जारी होने के चार दिन बाद उसने गृह मंत्री अमित शाह के ट्वीटर अकाउंट से उनकी प्रोफाइल फोटो हटा दी जब इस पर सबाल उठे कभी यह कहा गया कि कथित कोपीराईट दावे के कारण ऐसा हुआ है , और कभी यह कि गलती से ऐसा हुआ अब सुधार दिया गया है | पता नही सच क्या है लेकिन धारणा ये भी है कि ट्वीटर ऐसा करके भारतीय शासन के रुख रवैये की  थाह लेना चाह रहा था | खैर |

यह तो सिद्ध है कि ये सभी सोशल प्लेटफार्मो का भी कुछ न कुछ अजेंडा होता है इसलिए इन सब पर सतर्कता से अपनी उपस्थिति बननाए रखनी चाहिए | साथ ही इन सोशल प्लेटफार्मो पर प्रसारित किसी भी सूचना को सर्वथा वास्तविक मानना बुद्धिमानी नही कही जा सकती |

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  1. Shweta says:

    Lajawab

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