opinion


शिवसेना की राजनीति ने बनाया “कंगना” को “झाँसी की रानी” सामान्यत गन्दगी में फंस गया व्यक्ति प्रायः उस गन्दगी से समझौता कर के एकरस हो अपनी नियति मानकर जीवन जीने लगता हैं ,परन्तु कुछ भी हो उस गन्दगी को रहकर प्रतिष्ठा ,यश, वैभव यहाँ तक की वह सब कुछ जिसे जीवन का हम भौतिक लक्ष्य…