स्त्री की समाज में भूमिका


हमारे समाज में महिला अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक एक अहम किरदार निभाती है। अपनी सभी भूमिकाओं में निपुणता दर्शाने के बावजूद आज के आधुनिक युग में महिला पुरुष से पीछे खड़ी दिखाई देती है। पुरुष प्रधान समाज में महिला की योग्यता को आदमी से कम देखा जाता है। महिला को अपनी जिंदगी का…

स्त्री


हमारे समाज में महिला अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक एक अहम किरदार निभाती है। अपनी सभी भूमिकाओं में निपुणता दर्शाने के बावजूद आज के आधुनिक युग में महिला पुरुष से पीछे खड़ी दिखाई देती है। पुरुष प्रधान समाज में महिला की योग्यता को आदमी से कम देखा जाता है। महिला को अपनी जिंदगी का…

स्त्रियों की ताकत है उनका सौंदर्य और मधुर वाणी


स्त्रीत्व को परिभाषित करने के लिए शब्द काफी नहीं हैं। यह एक अनुभव है, जो बस महसूस होता है। मुझे लगता है केवल स्त्री को ही ‘स्त्रीत्व’ का अहसास नहीं होता। एक पुरुष भी इस टर्म को समझता है, इसके मर्म से इंकार नहीं कर सकता। कुछ लोग बेडौल शरीर और भारी आवाज से युक्त…

सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए जरुरी हे ये विशेषताएं


हिन्दू धर्म शास्त्र हिन्दू धर्म शास्त्र इंसानी जीवन के हर एक पहलू को अपने भीतर समाहित करते हैं। अगर देखा और समझा जाएं तो इनके आधार पर जीवन व्यतीत कर ना सिर्फ हम अपने जीवन की बड़ी-बड़ी परेशानियों को सुलझा सकते हैं, हमें किसी समस्या का सामना ना करना पड़े इसकी भी गारंटी हमें ये…